ॐ सर्वयुगव्यापिने नमः
सर्वयुगव्यापी
Sarvayugavyāpine
Root: sarva (all) + yuga (age, epoch) + vyāpin (pervading, spanning)
अर्थ
The one who pervades and spans all cosmic ages and epochs
सभी युगों (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग) में व्यापक, हर काल में विद्यमान
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
युग
age, epoch
युग, काल
व्यापिन्
pervading, spanning
व्यापी, फैला हुआ
आधुनिक संदर्भ
चारों युग (सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग) में हनुमान विद्यमान हैं। त्रेतायुग में राम के साथ, द्वापरयुग में भीम के ध्वज पर, और कलियुग में भक्तों की रक्षा में। सर्वयुगव्यापी हनुमान time से बन्धे नहीं। जब इतिहास पढ़ें, वर्तमान जियें, और भविष्य की योजना बनाएँ, हनुमान तीनों कालों में present हैं। Time capsule, या generational planning करते समय इस नाम का ध्यान करें।
कब जपें
ॐChant when contemplating time's vastness, during yuga-related studies, or when generational continuity needs divine support.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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