ॐ शिवप्राणाय नमः
शिवप्राणः
Śivaprāṇaḥ
Root: śiva + prāṇa
अर्थ
The auspicious life-force, who is himself the śivaprāṇa , the most auspicious possible prāṇa (life-force, the vital principle) that animates all existence with the specifically śiva quality
मंगलमय प्राण, जो स्वयं शिवप्राण हैं , सबसे मंगलमय संभव प्राण (जीवन-शक्ति, वह प्राणशक्ति सिद्धांत) जो विशेष रूप से शिव गुणवत्ता के साथ समस्त अस्तित्व को प्राणित करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
प्राण
life-force, vital principle, the animating breath
प्राण, जीवन-शक्ति, चेतना देने वाली श्वास
आधुनिक संदर्भ
शिवप्राण (मंगलमय प्राण) शिव को प्राण के रूप में नामित करता है , जीवन-शक्ति , विशेष रूप से शिव (मंगलमय) गुणवत्ता के साथ। भारत की सबसे प्राचीन वैदिक शिक्षा में, प्राण (जीवन-शक्ति) और दिव्य गहराई से जुड़े हैं। शिवप्राण कहता है: हर प्राणी को प्राणित करने वाला प्राण शिवप्राण है। महामृत्युंजय (महान मृत्यु-विजेता) के रूप में शिव की भूमिका से सीधा जुड़ाव: वह देवता जिनका प्राण मृत्यु को पार करता है। भारत की प्राणायाम परंपरा शिवप्राण के साथ सबसे प्रत्यक्ष अभ्यास-जुड़ाव है।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva as the auspicious prāṇa , the most auspicious possible life-force whose animating presence makes every breathing being an expression of śiva-prāṇa.
और सृष्टि नाम
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