ॐ विश्वप्रेमिणे नमः
विश्वप्रेमी
Viśvapremī
Root: viśva + premī
अर्थ
He who loves the entire universe with boundless affection
सम्पूर्ण विश्व से प्रेम करने वाले, ब्रह्माण्ड के प्रेमी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विश्व
universe, all, cosmos
विश्व, ब्रह्माण्ड
प्रेमी
lover, one who loves
प्रेमी, प्रेम करने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'समोऽहं सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योऽस्ति न प्रियः' — मैं सब प्राणियों में समान हूँ, न कोई मुझे अप्रिय है। विश्वप्रेमी भगवान बिना शर्त, बिना भेदभाव, सबसे प्रेम करते हैं। जब माँ अपने सब बच्चों को समान प्यार करे — नटखट को भी, शान्त को भी — वह विश्वप्रेमी का सांसारिक रूप है।
कब जपें
ॐChant when cultivating universal love, during interfaith gatherings, or when studying Gita Chapter 9. Ideal during Holi (festival of love) and when practising maitri (friendliness to all).
और प्रेम नाम
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