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Chalisa

Yamuna Chalisa

यमुना चालीसा

The Yamuna Chalisa is a devotional hymn dedicated to Maa Yamuna, also called Kalindi and Suryaputri, the sacred river of Krishna-bhakti, Braj lila, purification, sibling love, ecological reverence, and devotional sweetness. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Yamuna
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Yamuna Jayanti · Bhai Dooj / Yama Dwitiya

यमुना चालीसा माँ यमुना को समर्पित भक्ति स्तोत्र है, जिन्हें कालिन्दी और सूर्यपुत्री भी कहा जाता है। वे कृष्ण-भक्ति, ब्रज-लीला, पवित्रता, भाई-बहन प्रेम, नदी-श्रद्धा और माधुर्य भक्ति की पावन धारा हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

जय यमुना महारानी, कालिन्दी सुखधाम। कृष्ण चरण रज पावनी, पूर्ण करो सब काम॥

jaya yamunā mahārānī, kālindī sukhadhāma. kṛṣṇa caraṇa raja pāvanī, pūrṇa karo saba kāma.

अर्थ

जय यमुना महारानी, कालिन्दी सुखधाम। कृष्ण चरण रज से पावनी माता, शुभ कार्य पूर्ण करें।

Meaning

Glory to Queen Yamuna, Kalindi, abode of joy, purified by the dust of Krishna’s feet. Fulfill all auspicious works.

chaupai
Verse 2

जय जय यमुना मातु भवानी। कृष्ण प्रिया कल्याण प्रदानी॥

जय जय यमुना मातु भवानी कृष्ण प्रिया कल्याण प्रदानी

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Mother Yamuna, beloved of Krishna and giver of welfare.

chaupai
Verse 3

कालिन्दी नाम जग विख्याता। सूर्यसुता सुख फल दाता॥

कालिन्दी नाम जग विख्याता सूर्यसुता सुख फल दाता

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Known as Kalindi, daughter of the Sun, giver of happiness.

chaupai
Verse 4

यम की बहिनी पावन धारा। भाई दूज का शुभ सहारा॥

यम की बहिनी पावन धारा भाई दूज का शुभ सहारा

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Sacred sister of Yama, support of Bhai Dooj devotion.

chaupai
Verse 5

नील जलधारा अति मनभावन। पाप ताप हर करे सुखदावन॥

नील जलधारा अति मनभावन पाप ताप हर करे सुखदावन

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your dark-blue waters charm the mind and remove sin and suffering.

chaupai
Verse 6

वृन्दावन में लहर सुहाई। कान्हा लीला मन मुस्काई॥

वृन्दावन में लहर सुहाई कान्हा लीला मन मुस्काई

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your waves beautify Vrindavan, where Krishna’s lila makes hearts smile.

chaupai
Verse 7

गोकुल मथुरा तट तुम्हारे। भक्त जनों के भाग्य सँवारे॥

गोकुल मथुरा तट तुम्हारे भक्त जनों के भाग्य सँवारे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Gokul and Mathura on your banks bless devotees’ destiny.

chaupai
Verse 8

कदंब तले बंसी बजती। यमुना धारा प्रेम में बहती॥

कदंब तले बंसी बजती यमुना धारा प्रेम में बहती

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Under kadamba trees Krishna’s flute plays, and Yamuna flows in love.

chaupai
Verse 9

रास रचत जब श्याम मुरारी। साक्षी बनती यमुना प्यारी॥

रास रचत जब श्याम मुरारी साक्षी बनती यमुना प्यारी

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

When Shyam performs rasa, Yamuna becomes the beloved witness.

chaupai
Verse 10

कृष्ण चरण से पावन होती। भव दुख की मैल सब धोती॥

कृष्ण चरण से पावन होती भव दुख की मैल सब धोती

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Purified by Krishna’s feet, you wash away worldly sorrow.

chaupai
Verse 11

स्नान तुम्हारा जो जन करई। पुण्य प्रेम जीवन में भरई॥

स्नान तुम्हारा जो जन करई पुण्य प्रेम जीवन में भरई

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

One who bathes with devotion in you receives merit and love.

chaupai
Verse 12

यमुनाष्टक गुण गान तुम्हारा। वल्लभ भक्ति का तुम आधार॥

यमुनाष्टक गुण गान तुम्हारा वल्लभ भक्ति का तुम आधार

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Yamunashtak sings your virtues; you are a foundation of Vallabha devotion.

chaupai
Verse 13

पुष्टिमार्ग में महिमा भारी। यमुना कृपा कृष्णनिहारी॥

पुष्टिमार्ग में महिमा भारी यमुना कृपा कृष्णनिहारी

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your glory is great in Pushtimarg, where your grace leads to Krishna.

chaupai
Verse 14

भाई बहन का प्रेम बढ़ाओ। यम द्वितीया मंगल बनाओ॥

भाई बहन का प्रेम बढ़ाओ यम द्वितीया मंगल बनाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Increase sibling love and make Yama Dwitiya auspicious.

chaupai
Verse 15

जल निर्मल रखे जो कोई। यमुना कृपा उसके घर होई॥

जल निर्मल रखे जो कोई यमुना कृपा उसके घर होई

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Who keeps water pure receives Yamuna’s grace at home.

chaupai
Verse 16

प्रकृति रक्षा भाव जगाओ। नदी स्वच्छता धर्म बनाओ॥

प्रकृति रक्षा भाव जगाओ नदी स्वच्छता धर्म बनाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Awaken ecological protection and make river cleanliness a dharma.

chaupai
Verse 17

मछली पक्षी जीव तुम्हारे। सभी में हरि के रूप निहारे॥

मछली पक्षी जीव तुम्हारे सभी में हरि के रूप निहारे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Fish, birds, and beings in you are seen as forms of Hari.

chaupai
Verse 18

कालीदह की लीला प्यारी। कालिय नाग पर कृपा न्यारी॥

कालीदह की लीला प्यारी कालिय नाग पर कृपा न्यारी

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your Kaliyadaha lila is beloved, where Krishna subdued Kaliya.

chaupai
Verse 19

विष जल भी अमृत बन जाए। जब कान्हा करुणा बरसाए॥

विष जल भी अमृत बन जाए जब कान्हा करुणा बरसाए

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Poisoned water becomes nectar when Krishna’s compassion descends.

chaupai
Verse 20

मानस ताप सब दूर करीजै। शीतल प्रेम हृदय में दीजै॥

मानस ताप सब दूर करीजै शीतल प्रेम हृदय में दीजै

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Remove mental heat and place cooling love in the heart.

chaupai
Verse 21

राधा नाम संग तुम बहती। माधुर्य भक्ति हृदय में रहती॥

राधा नाम संग तुम बहती माधुर्य भक्ति हृदय में रहती

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

You flow with Radha’s name and hold sweet devotion in the heart.

chaupai
Verse 22

घाटों पर दीपक जब जलता। भक्त हृदय आनंद में पलता॥

घाटों पर दीपक जब जलता भक्त हृदय आनंद में पलता

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

When lamps shine on your ghats, devotees’ hearts grow in joy.

chaupai
Verse 23

आरती ध्वनि तट पर छाए। कृपा तरंग मन को भाए॥

आरती ध्वनि तट पर छाए कृपा तरंग मन को भाए

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Aarti sounds spread over your banks, and waves of grace please the mind.

chaupai
Verse 24

मथुरा धाम की शोभा तुमसे। ब्रज प्रेम की धारा तुमसे॥

मथुरा धाम की शोभा तुमसे ब्रज प्रेम की धारा तुमसे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Mathura’s beauty and Braj’s stream of love flow through you.

chaupai
Verse 25

दूध दही माखन की लीला। यमुना तट पर रचता शीला॥

दूध दही माखन की लीला यमुना तट पर रचता शीला

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Milk, curd, and butter lilas unfold on your banks.

chaupai
Verse 26

गोप गोपी तुमको ध्यावें। श्याम मिलन का सुख वे पावें॥

गोप गोपी तुमको ध्यावें श्याम मिलन का सुख वे पावें

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Gopas and gopis meditate on you and receive joy of union with Shyam.

chaupai
Verse 27

भक्तन की नाव पार लगाओ। भव लहरों से बचा ले जाओ॥

भक्तन की नाव पार लगाओ भव लहरों से बचा ले जाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Carry devotees’ boats across worldly waves.

chaupai
Verse 28

प्यासे जन को जल पिलाओ। सूखे मन में प्रेम उगाओ॥

प्यासे जन को जल पिलाओ सूखे मन में प्रेम उगाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Give water to the thirsty and grow love in dry hearts.

chaupai
Verse 29

काले जल की छटा निराली। चिन्मय प्रेम सुधा मतवाली॥

काले जल की छटा निराली चिन्मय प्रेम सुधा मतवाली

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Your dark waters hold unique beauty and conscious nectar of love.

chaupai
Verse 30

जो यमुना नाम नित गावे। कृष्ण भक्ति हृदय में पावे॥

जो यमुना नाम नित गावे कृष्ण भक्ति हृदय में पावे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever chants Yamuna’s name daily receives Krishna-bhakti.

chaupai
Verse 31

संकट में तुम साथ निभाओ। स्नेह लहर से भय मिटाओ॥

संकट में तुम साथ निभाओ स्नेह लहर से भय मिटाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Stand with us in trouble and remove fear through waves of affection.

chaupai
Verse 32

परिवार में प्रेम बसाओ। कटुता को धारा बहाओ॥

परिवार में प्रेम बसाओ कटुता को धारा बहाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Place love in the family and wash away bitterness.

chaupai
Verse 33

भक्त रोग शोक जब घेरें। यमुना माँ करुणा से फेरें॥

भक्त रोग शोक जब घेरें यमुना माँ करुणा से फेरें

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

When illness and sorrow surround devotees, Yamuna turns them away through compassion.

chaupai
Verse 34

पुण्य तट पर ध्यान लगाएँ। मन में श्याम सुंदर बसाएँ॥

पुण्य तट पर ध्यान लगाएँ मन में श्याम सुंदर बसाएँ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Meditating on your sacred banks installs Shyam Sundar in the heart.

chaupai
Verse 35

जल अर्पण जो प्रेम से करई। कृष्ण कृपा जीवन में भरई॥

जल अर्पण जो प्रेम से करई कृष्ण कृपा जीवन में भरई

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

One who offers water with love fills life with Krishna’s grace.

chaupai
Verse 36

कार्तिक मास महिमा भारी। दीपदान सुख मंगलकारी॥

कार्तिक मास महिमा भारी दीपदान सुख मंगलकारी

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

In Kartik month your glory is great; lamp offering brings auspicious joy.

chaupai
Verse 37

जो चालीसा श्रद्धा गावे। यमुना कृपा सहज ही पावे॥

जो चालीसा श्रद्धा गावे यमुना कृपा सहज ही पावे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this Chalisa with faith easily receives Yamuna’s grace.

chaupai
Verse 38

अंत समय श्रीकृष्ण स्मरण हो। यमुना जल से चित्त शरण हो॥

अंत समय श्रीकृष्ण स्मरण हो यमुना जल से चित्त शरण हो

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, may Krishna be remembered and the mind take refuge in Yamuna.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। यमुना माँ भव दुख निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें यमुना माँ भव दुख निवारे

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Mother Yamuna removes worldly sorrow.

chaupai
Verse 40

जय कालिन्दी कृष्ण प्रिया। रक्षा करो प्रेममयी मइया॥

जय कालिन्दी कृष्ण प्रिया रक्षा करो प्रेममयी मइया

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Kalindi, beloved of Krishna; protect us, loving Mother.

chaupai
Verse 41

यमुना रानी सुख बरसाओ। भक्त हृदय वृन्दावन बनाओ॥

यमुना रानी सुख बरसाओ भक्त हृदय वृन्दावन बनाओ

अर्थ

यह पद यमुना माता की कृष्ण-भक्ति, पावन धारा, ब्रज-लीला, प्रेम और नदी-रक्षा का स्मरण करता है।

Meaning

Queen Yamuna, shower joy and make the devotee’s heart Vrindavan.

doha closing
Verse 42

यमुना मातु कृपा करो, दो कृष्ण रसधार। मन वृन्दावन बन पड़े, कटे भव अंधकार॥

yamunā mātu kṛpā karo, do kṛṣṇa rasadhāra. mana vṛndāvana bana paṛe, kaṭe bhava andhakāra.

अर्थ

हे यमुना माता, कृपा कर कृष्ण-रसधार दें। मन वृन्दावन बन जाए और भव-अंधकार कट जाए।

Meaning

O Mother Yamuna, shower grace and give the stream of Krishna-rasa. May the mind become Vrindavan and the darkness of worldly existence be removed.

Yamuna Chalisa

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