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प्रभास खण्ड · अध्याय 163

नासत्येश्वराश्विनेश्वरमाहात्म्यवर्णनम्

अध्याय 162अध्याय-सूचीअध्याय 164

श्लोक 1 (skanda.7.163.1)

ईश्वर उवाच। ततो गच्छेन्महादेवि तस्मात्पूर्वेण संस्थितम्। नासत्येश्वरनामानं महा कल्मषनाशनम्

īśvara uvāca| tato gacchenmahādevi tasmātpūrveṇa saṁsthitam| nāsatyeśvaranāmānaṁ mahā kalmaṣanāśanam

ईश्वर ने कहा—हे महादेवि, तदनन्तर उससे पूर्व दिशा में स्थित, नासत्येश्वर नामक, महापापों का नाश करने वाले लिंग के पास जाना चाहिए।

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