ॐ सर्वसम्पत्प्रदायकाय नमः
सर्वसम्पत्प्रदायकः
Sarvasampattradāyakaḥ
Root: sarva + sampat + pradāyaka
अर्थ
The giver of all forms of wealth and prosperity, who bestows every variety of richness from material abundance to spiritual treasure
सभी प्रकार की सम्पत्ति और समृद्धि के दाता, जो भौतिक प्रचुरता से आध्यात्मिक खजाने तक हर प्रकार की सम्पन्नता प्रदान करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब, समस्त
सम्पत्
wealth, prosperity, abundance
सम्पत्, धन, समृद्धि
प्रदायक
giver, bestower
प्रदायक, देने वाला
आधुनिक संदर्भ
'सम्पत्' शब्द पैसे से कहीं अधिक को समेटता है: इसमें ज्ञान की सम्पत्, अच्छे सम्बन्धों की सम्पत्, अच्छे स्वास्थ्य की सम्पत्, सन्तान की सम्पत्, समुदाय में अच्छे नाम की सम्पत् शामिल है। जब कोयम्बटूर या त्रिशूर के उभरते मध्यम वर्ग के अय्यप्पा भक्त सर्वसम्पत्प्रदायक का आह्वान करते हैं, वे केवल आर्थिक समृद्धि नहीं माँग रहे बल्कि उस सम्पूर्ण मानव विकास के लिए जिसका धन केवल एक घटक है। परम्परा की धन की समझ वास्तव में समग्र है जिसे आधुनिक कल्याण मनोविज्ञान ने हाल ही में व्यक्त किया है।
कब जपें
ॐChant when praying for comprehensive well-being that includes material security, good health, harmonious relationships, and wisdom. True sampat is not one-dimensional.
और समृद्धि नाम
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