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ॐ विश्वरूपाय नमः

विश्वरूपः

Viśvarūpaḥ

Root: viśva + rūpa

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

He of the universal form, whose divine body contains all of creation within it as the Bhagavad Gita's vision revealed

विश्वरूप वाले, जिनके दिव्य शरीर में भगवद् गीता की दृष्टि के समान समस्त सृष्टि समाहित है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

विश्व

universe, all, the whole

विश्व, सम्पूर्ण, ब्रह्माण्ड

रूप

form, appearance

रूप, आकार, स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भगवद् गीता में अर्जुन का विश्वरूप दर्शन महाभारत का सबसे विस्मयकारी दार्शनिक क्षण है: सम्पूर्ण सृष्टि एकसाथ एक दिव्य रूप में प्रकट, पहाड़, नदियाँ, सेनाएँ, सूर्य, सभी प्राणी। विश्वरूप के रूप में अय्यप्पा इस दृष्टि को शबरीमला परम्परा में ले आते हैं। जब पहाड़ी पर तीर्थयात्री पेरियार वन्यजीव अभयारण्य से नीचे केरल के मैदानों तक पश्चिमी घाट के विहंगम दृश्य का सर्वेक्षण करता है, वे अपनी सीमित आँखों से देख रहा है उस कुल का एक अंश जो अर्जुन ने समग्रता में देखा था। पर्वत-दृश्य मानव धारणा के लिए उपलब्ध पैमाने पर प्रदान किया गया विश्वरूप है।

When to Chant

कब जपें

Chant when meditating on the Lord as the totality of existence, or when the pilgrimage's panoramic mountain view becomes the visual occasion for this cosmic reflection.

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