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ॐ त्रिभुवनेश्वराय नमः

त्रिभुवनेश्वरः

Tribhuvaneśvaraḥ

Root: tri + bhuvana + īśvara

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The lord of the three worlds, whose sovereignty encompasses heaven, earth, and the underworld without exception

तीनों भुवनों के ईश्वर, जिनकी सार्वभौमिकता स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल को बिना किसी अपवाद के समेटती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

त्रि

three

तीन

भुवन

world, realm, plane of existence

भुवन, लोक, अस्तित्व का स्तर

ईश्वर

lord, sovereign

ईश्वर, सम्राट, अधिपति

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

भारत की ब्रह्माण्डवैज्ञानिक कल्पना में, तीन लोक केवल एक काव्यात्मक युक्ति नहीं बल्कि अस्तित्व का एक संरचनात्मक विवरण हैं: स्वर्गीय जनों का स्वर्ग लोक, मनुष्यों और पशुओं का भू लोक, और भूमिगत प्राणियों का पाताल लोक। आधुनिक भौतिकी वास्तविकता को सामान्य धारणा से परे आयामों के रूप में वर्णित करती है; प्राचीन ब्रह्माण्डविज्ञान ने अलग शब्दावली के साथ वही किया। त्रिभुवनेश्वर अय्यप्पा को केवल दृश्य जगत के नहीं बल्कि उन सभी आयामों के सम्राट के रूप में स्थापित करता है जहाँ भौतिकी, रहस्यवाद या कल्पना पहुँच सकते हैं, और उनके भी जहाँ अभी नहीं।

When to Chant

कब जपें

Chant during the main Sahasranama archana when all of creation is being mentally offered to the Lord. His sovereignty spans dimensions the human mind can barely conceive.

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