ॐ शिवशक्त्यात्मकाय नमः
शिवशक्त्यात्मकः
Śivaśaktyātmakaḥ
Root: śiva + śakti + ātmaka
अर्थ
He whose nature is constituted of both Shiva and Shakti, the living synthesis of the masculine absolute and the feminine dynamic power
जिनकी प्रकृति शिव और शक्ति दोनों से बनी है, पुल्लिंग परम और स्त्रीलिंग गतिशील शक्ति का जीवित संश्लेषण
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
Shiva, the masculine absolute
शिव, पुल्लिंग परम
शक्ति
the feminine dynamic power
शक्ति, स्त्रीलिंग शक्ति
आत्मक
whose nature is constituted of
आत्मक, जिसकी प्रकृति है
आधुनिक संदर्भ
शैव-शाक्त संश्लेषण भारत की सबसे गहरी दार्शनिक उपलब्धियों में से एक है। शिव और शक्ति के एक ही वास्तविकता के दो पहलू होने की समझ तत्त्वमीमांसा की मूलभूत समस्या हल करती है। प्रभु के अपने अस्तित्व में, पूर्ण स्थिरता और सृजनात्मक गतिशीलता परिपूर्ण रूप से एकीकृत हैं।
कब जपें
ॐChant during Shakta festivals or Shaiva rituals, honouring the complete union of both great streams in the Lord's own nature.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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