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ॐ स्रोतःस्वरूपाय नमः

स्रोतःस्वरूपः

Srotaḥsvarūpaḥ

Root: srotas + svarūpa

Purity·पवित्रता
Meaning

अर्थ

The one whose form is a sacred stream, the divine flow itself that purifies everything it touches as it moves through the world

जिनका स्वरूप एक पवित्र धारा है, वह दिव्य प्रवाह जो संसार में बहते हुए जो भी छूता है उसे शुद्ध करता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

स्रोतस्

stream, current, sacred flow

स्रोत, धारा, प्रवाह

स्वरूप

essential nature

स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

स्रोतःस्वरूप दत्तात्रेय को एक पवित्र धारा के रूप में चित्रित करता है: एक स्थिर तालाब नहीं बल्कि एक जीवन्त प्रवाह जो अपने पथ में सब कुछ शुद्ध करता है। यह दत्तात्रेय के लिए एक विशेष रूप से उपयुक्त रूपक है, जो एक स्थान पर निवास करने की बजाय भ्रमण करते हैं। त्र्यम्बकेश्वर पर उद्गमित गोदावरी नदी, जहाँ दत्तात्रेय की उपस्थिति केन्द्रीय है, इस सिद्धान्त का दक्कन में सबसे महत्त्वपूर्ण भौतिक अवतरण है। दत्त परम्परा 'दत्त-स्रोत' (दत्तात्रेय की धारा) की बात करती है, गुरु-परम्परा का निरन्तर प्रवाह जो दत्तात्रेय से नृसिंह सरस्वती से स्वामी समर्थ से वर्तमान दिन तक बहता है।

When to Chant

कब जपें

Chant near sacred rivers, at confluences (sangams), or when contemplating the purifying flow of grace that Dattatreya's presence brings into the world.

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