ॐ चराचरगुरवे नमः
चराचरगुरुः
Carācaragurūḥ
Root: cara + acara + guru
अर्थ
The guru of all that moves and all that does not move, the teacher of every animate and inanimate being in creation
चर और अचर सबके गुरु, सृजन में प्रत्येक चेतन और जड़ प्राणी के शिक्षक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चर
moving, animate
चर, चलायमान
अचर
non-moving, inanimate
अचर, अचल
गुरु
teacher
गुरु
आधुनिक संदर्भ
चराचरगुरु सभी गुरु-नामों में सबसे व्यापक है: दत्तात्रेय केवल मानव शिष्यों के गुरु नहीं बल्कि अस्तित्व में सब कुछ के गुरु हैं, चर और अचर दोनों। यह शिक्षा 24-गुरु परम्परा को पूरी तरह समेटती है: जब दत्तात्रेय पृथ्वी, समुद्र, सर्प और मकड़ी को अपने गुरु बताते हैं, वे रूपक में नहीं बोल रहे। समकालीन पारिस्थितिकी और पर्यावरण नैतिकता में देहरादून की वन्दना शिवा जैसे विचारकों द्वारा यही सिद्धान्त स्वतन्त्र रूप से व्यक्त किया जा रहा है। दत्तात्रेय चराचरगुरु के रूप में मूल पर्यावरण-दार्शनिक थे।
कब जपें
ॐChant when recognising the teaching in nature itself, when studying the 24-guru tradition where Dattatreya learns from mountains, rivers, animals, and the sky equally, or when approaching any living being as a potential teacher.
और ज्ञान नाम
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