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ॐ त्रिमूर्तिधारकाय नमः

त्रिमूर्तिधारकः

Trimūrtidhārakaḥ

Root: tri + mūrti + dhāraka

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

The bearer of the three forms, who holds and sustains all three cosmic functions in perpetual dynamic balance within one divine body

तीन रूपों के धारक, जो एक दिव्य देह में तीनों ब्रह्माण्डीय कार्यों को नित्य गतिशील सन्तुलन में धारण और बनाए रखते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

त्रि

three

तीन

मूर्ति

form

मूर्ति, रूप

धारक

bearer, upholder

धारक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

त्रिमूर्तिधारक एक सक्रिय बिम्ब प्रस्तुत करता है: दत्तात्रेय केवल तीन रूपों को समाहित नहीं करते बल्कि उन्हें गतिशील सन्तुलन में सक्रिय रूप से धारण करते हैं। त्रिमूर्ति एक स्थिर स्थिति नहीं बल्कि एक शाश्वत प्रक्रिया है: हर क्षण ब्रह्मा सृजन कर रहे हैं, विष्णु पाल रहे हैं, और शिव संहार कर रहे हैं। दत्तात्रेय यन्त्र, तान्त्रिक पूजा में प्रयुक्त, ठीक इस त्रिमूर्तिधारक गुण को मूर्त रूप देता है। समसामयिक प्रणाली-चिन्तन में, प्रबन्धन और पारिस्थितिकी में लागू, यही सिद्धान्त - विपरीत शक्तियों को एक में सुलझाने की बजाय रचनात्मक तनाव में धारण करना - जटिल अनुकूली प्रणालियों का लक्षण माना जाता है।

When to Chant

कब जपें

Chant during Trimurti puja, when contemplating the three-faced murti, or when seeking the divine balance that holds creative, sustaining, and dissolving forces in equilibrium.

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