ॐ दत्तात्रेयाय नमः
दत्तात्रेयः
Dattātreyaḥ
Root: datta + atreya
अर्थ
The son of Atri given by the Trinity, the complete Trimurti incarnation born of sage Atri's lineage
त्रिमूर्ति द्वारा प्रदत्त अत्रि-पुत्र, ऋषि अत्रि के वंश में जन्मे पूर्ण त्रिमूर्ति अवतार
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
दत्त
given, bestowed
प्रदत्त
आत्रेय
descendant of Atri
अत्रि के वंशज
आधुनिक संदर्भ
दत्तात्रेय वह पूर्ण नाम है जिसका यह सहस्रनाम उत्सव मनाता है। इस समास का अर्थ है 'अत्रि वंश के दत्त।' ऋषि अत्रि और अनसूया की तपस्या इतनी प्रखर थी कि त्रिमूर्ति ने अपने व्यक्तिगत रूप विलीन कर एक बालक में समाहित हो गए। वही बालक दत्तात्रेय हैं: ब्रह्मा की सृजन-शक्ति, विष्णु का पालन और शिव का संहार एक देह में तीन मुखों के साथ। दत्त सम्प्रदाय का केन्द्र सम्पूर्ण दक्कन में है: कर्नाटक में गाणगापुर, महाराष्ट्र में औदुम्बर, आन्ध्र में पीठापुरम और गुजरात में गिरनार।
कब जपें
ॐChant as the primary invocation of Dattatreya in all sampradaya rituals. This is the most complete name, combining identity and lineage. Used in Datta Sampradaya diksha mantras across Maharashtra, Andhra Pradesh, and Karnataka.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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