ॐ चतुर्भुजाय नमः
चतुर्भुजः
Caturbhujaḥ
Root: catur + bhuja
अर्थ
The four-armed one carrying the divine weapons and implements of all three cosmic functions
चार भुजाओं वाले, तीनों ब्रह्माण्डीय कार्यों के दिव्य आयुध और उपकरण धारण करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्
four
चार
भुज
arm
भुजा
आधुनिक संदर्भ
चतुर्भुज सबसे सामान्य दत्तात्रेय मूर्ति का प्रतिमा-शास्त्रीय वर्णन है: चार भुजाएँ शंख और चक्र (विष्णु के आयुध), त्रिशूल और डमरू (शिव के आयुध), और कभी-कभी कमण्डलु और अक्षमाला (ब्रह्मा के आयुध) धारण करती हैं। चार भुजाएँ चार हाथों में ब्रह्माण्डीय कार्य वितरित करती हैं: सृष्टि, पालन, संहार और मोक्ष। कर्नाटक में गाणगापुर की सबसे प्रसिद्ध दत्तात्रेय मूर्ति चतुर्भुज है। कोल्हापुर और खम्भात के शिल्पकार जब दक्कन के मन्दिरों के लिए दत्तात्रेय मूर्तियाँ गढ़ते हैं, तो चतुर्भुज रूप शास्त्रीय मानक है।
कब जपें
ॐChant when worshipping the four-armed Dattatreya murti in temples, during murti-pratishtha ceremonies, or when contemplating the union of divine powers.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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