ॐ प्रतापवते नमः
प्रतापवान्
Pratāpavān
Root: pratāpa + vān
अर्थ
The one of great luminous power, whose divine radiance commands reverence and whose spiritual presence transforms every space it enters
महान दीप्तिमान शक्ति के धारक, जिनकी दिव्य आभा श्रद्धा उत्पन्न करती है और जिनकी आध्यात्मिक उपस्थिति हर उस स्थान को बदल देती है जहाँ वह प्रवेश करती है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
प्रताप
luminous power, sovereign radiance
प्रताप, दीप्तिमान शक्ति
वान्
possessed of
युक्त
आधुनिक संदर्भ
प्रतापवान दत्तात्रेय को प्रताप का गुण देता है: वह दीप्तिमान अधिकार जो एक महान सत्ता की उपस्थिति में तत्काल महसूस होता है। गुरु चरित्र में नृसिंह सरस्वती का प्रताप स्पर्शनीय बताया गया है: भीड़ मौन हो गई, झगड़ते दल सुलह हो गए और जानवर उनके आसपास शान्त हो गए। समकालीन भारत में यह गुण वही है जिसे लोग बताते हैं जब वे कहते हैं कि किसी नेता या शिक्षक में 'कुछ है': वह अकथनीय उपस्थिति जो बिना माँगे सम्मान प्राप्त करती है।
कब जपें
ॐChant when seeking the protective aura of Dattatreya's spiritual radiance, or when entering a space and wishing to fill it with sacred energy.
और शक्ति नाम
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