ॐ षट्चक्रज्ञाय नमः
षट्चक्रज्ञः
Ṣaṭcakrajñaḥ
Root: ṣaṭ + cakra + jña
अर्थ
The knower of the six chakras, who has mastered the complete energy-centre system of the subtle body from muladhara to ajna
छह चक्रों के ज्ञाता, जिन्होंने मूलाधार से आज्ञा तक सूक्ष्म शरीर की सम्पूर्ण ऊर्जा-केन्द्र प्रणाली में महारत पाई है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
षट्
six
छह
चक्र
energy wheel, chakra
चक्र
ज्ञ
knower
ज्ञाता
आधुनिक संदर्भ
षट्चक्रज्ञ दत्तात्रेय को छह चक्रों के ज्ञाता नाम देता है। नाथ-तन्त्र प्रणाली के छह प्राथमिक चक्र हैं: मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध और आज्ञा। यह प्रणाली हठयोग प्रदीपिका और विभिन्न तान्त्रिक ग्रन्थों में वर्णित है। नाथ सम्प्रदाय, जिसकी वंश-परम्परा दत्तात्रेय तक जाती है, चक्र सक्रियण की सबसे पूर्ण व्यावहारिक परम्परा है।
कब जपें
ॐChant when studying or practising chakra meditation, or when invoking Dattatreya's complete mastery of the subtle energy system.
और ज्ञान नाम
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