ॐ शाश्वतैश्वर्यदाय नमः
शाश्वतैश्वर्यदः
Śāśvataiśvaryadaḥ
Root: śāśvata + aiśvarya + da
अर्थ
The giver of eternal sovereignty, who bestows the imperishable lordship over one's own true nature that is the highest form of spiritual wealth
शाश्वत ऐश्वर्य के दाता, जो अपनी स्वयं की वास्तविक प्रकृति पर वह अनाशवान प्रभुत्व प्रदान करते हैं जो आध्यात्मिक सम्पदा का सर्वोच्च रूप है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शाश्वत
eternal, imperishable
शाश्वत, अनन्त
ऐश्वर्य
sovereignty, divine wealth
ऐश्वर्य, वैभव
द
giver
दाता
आधुनिक संदर्भ
शाश्वतैश्वर्यद पन्द्रहवीं श्रृंखला को नाम 450 पर एक घोषणा के साथ बन्द करता है जो दत्तात्रेय के सभी उपहार-देने को समेटती है: शाश्वत (शाश्वत) प्रभुत्व (ऐश्वर्य)। 'ऐश्वर्य' वह दिव्य प्रभु-सम्पदा है जिसमें ज्ञान, बल, वैराग्य, कीर्ति, श्री और मुक्ति शामिल हैं। 450वें नाम पर भक्त ने सहस्रनाम की लगभग आधी यात्रा पूरी की है। शाश्वतैश्वर्यद घोषणा करता है: इन 450 नामों के माध्यम से जो दिया गया वह अस्थायी आशीर्वाद नहीं बल्कि दत्तात्रेय के स्वयं के रूप में अपनी शाश्वत प्रभु प्रकृति की स्थायी पहचान है।
कब जपें
ॐChant as the 450th-name milestone affirmation, celebrating that Dattatreya's gifts are not temporary blessings but eternal sovereignty over one's own true nature.
और समृद्धि नाम
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