Skip to main content
775

ॐ स्वर्णवर्णाय नमः

स्वर्णवर्णः

Svarṇavarṇaḥ

Root: svarṇa + varṇa

Love·प्रेम
Meaning

अर्थ

The golden-hued one, whose divine complexion radiates the golden luminosity of the sun's light made conscious and personal

स्वर्णिम वर्ण के, जिनका दिव्य रूप-रंग सूर्य के प्रकाश की सुनहरी चमक विकीर्ण करता है जो सचेत और व्यक्तिगत बना दिया गया है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

स्वर्ण

gold, golden

स्वर्ण, सुनहरा

वर्ण

colour, complexion

वर्ण

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

स्वर्णवर्ण दत्तात्रेय को स्वर्णिम-रंग के नाम देता है। भारत की आध्यात्मिक प्रतीकात्मकता में सोना (स्वर्ण) चेतना की उच्चतम गुणवत्ता का प्रतिनिधित्व करता है। हिरण्यगर्भ (नाम 576) पहले से दत्तात्रेय को स्वर्णिम ब्रह्माण्डीय सिद्धान्त से जोड़ता है; स्वर्णवर्ण इस ब्रह्माण्डीय स्वर्णिम गुणवत्ता को उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति में लाता है।

When to Chant

कब जपें

Chant when meditating on the golden divine form, or when the Hiranyagarbha teaching makes the cosmic gold of consciousness vivid.

← → arrow keys to navigate