ॐ स्वाराज्याप्रदाय नमः
स्वाराज्यप्रदः
Svārājyapradaḥ
Root: sva + rājya + prada
अर्थ
The giver of self-sovereignty, who bestows the inner autonomy of the liberated being who rules their own inner kingdom without any external authority
आत्म-प्रभुसत्ता के दाता, जो उस मुक्त प्राणी की आन्तरिक स्वायत्तता प्रदान करते हैं जो बिना किसी बाहरी अधिकार के अपने आन्तरिक राज्य पर शासन करता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
स्व
own, self
स्व
राज्य
kingdom, sovereignty
राज्य
प्रद
giver
दाता
आधुनिक संदर्भ
स्वाराज्यप्रद दत्तात्रेय को स्वाराज्य (आत्म-प्रभुसत्ता) के दाता नाम देता है। 'स्वाराज्य' वह है जो किसी बाहरी मान्यता पर नहीं बल्कि आन्तरिक पूर्णता पर आधारित है। गाँधी के नेतृत्व में भारत का स्वतन्त्रता आन्दोलन 'स्वराज' को अपने लक्ष्य के रूप में आवाहित करता था: उस गहरे स्वाराज्य की राजनीतिक अभिव्यक्ति जो दत्तात्रेय स्वाराज्यप्रद के रूप में देते हैं।
कब जपें
ॐChant when seeking the inner sovereignty that is true freedom, the self-rule of the liberated being who needs no external validation.
और मोक्ष नाम
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