ॐ सर्वशास्त्रेशाय नमः
सर्वशास्त्रेशः
Sarvaśāstreśaḥ
Root: sarva + śāstra + īśa
अर्थ
Lord of all śāstras, the sovereign of every system of sacred knowledge from the most technical Vedic grammar to the most mystical Tantric text
सभी शास्त्रों के स्वामी, सबसे तकनीकी वैदिक व्याकरण से लेकर सबसे रहस्यमय तांत्रिक ग्रंथ तक पवित्र ज्ञान की हर प्रणाली के अधीश्वर
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सर्व, सभी
शास्त्र
sacred scripture, systematic knowledge, authoritative text
शास्त्र, पवित्र शास्त्र, व्यवस्थित ज्ञान
ईश
lord, sovereign
ईश, स्वामी
आधुनिक संदर्भ
सर्वशास्त्रेश (सभी शास्त्रों के स्वामी) शिव को भारत के विशाल पवित्र साहित्य और व्यवस्थित ज्ञान के अधीश्वर के रूप में रखता है। वेद और उपनिषद, आगम और तंत्र, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, कामशास्त्र, शिल्पशास्त्र, नाट्यशास्त्र, आयुर्वेद, ज्योतिष: शिव सर्वशास्त्रेश के रूप में वह परम स्रोत हैं जिनसे ज्ञान की ये सभी धाराएँ प्रवाहित होती हैं। केरल से लद्दाख तक पुस्तकालयों में हजारों शास्त्र पाण्डुलिपियों को संरक्षित करने वाला भारत का राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन सर्वशास्त्रेश की जीवित विरासत के साथ काम कर रहा है।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva as the master of all sacred knowledge systems, affirming that every genuine śāstra traces its ultimate authority to Shiva as its divine source.
और विद्या नाम
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