महाभारत ज्ञान
महान महाकाव्य का अपना ज्ञान परखें — इसके योद्धा, अस्त्र, प्रतिज्ञाएँ, और कुरुक्षेत्र के निर्णायक मोड़।
16 प्रश्न · निःशुल्क · साइन-इन आवश्यक नहीं
📖 सभी प्रश्न और उत्तर देखेंइसमें उत्तर हैं — खेल समाप्त करने के बाद ही खोलें।
1. कुरुक्षेत्र युद्ध के किस दिन सोलह वर्षीय अभिमन्यु अकेले चक्रव्यूह में घुसा?
- • 10वें दिन
- ✓ 13वें दिन
- • 14वें दिन
- • 18वें दिन
उत्तर: अभिमन्यु ने 13वें दिन चक्रव्यूह (पद्मव्यूह) में प्रवेश किया, जिसे भीष्म के पतन के बाद द्रोण ने रचा था, जब अर्जुन और कृष्ण दक्षिणी मोर्चे पर खींच लिए गए थे।
पूरी कथा पढ़ें →2. किसके वरदान ने एक योद्धा को अर्जुन को छोड़कर सब पाण्डवों को रोकने में सक्षम बनाया, जिससे अभिमन्यु व्यूह में फँस गया?
- ✓ जयद्रथ का शिव से वरदान
- • कर्ण का इन्द्र से वरदान
- • द्रोण का ब्रह्मा से वरदान
- • अश्वत्थामा का विष्णु से वरदान
उत्तर: सिन्धु नरेश जयद्रथ के पास शिव का वरदान था जिससे वह एक दिन अकेले अर्जुन को छोड़कर सब पाण्डवों को रोक सका, और अभिमन्यु भीतर अकेला फँस गया।
पूरी कथा पढ़ें →3. देवव्रत ने कौन-सी प्रतिज्ञा ली जिससे उन्हें 'भीष्म' नाम मिला?
- • कभी शस्त्र न उठाने की
- • हस्तिनापुर पर सदा न्यायपूर्वक राज करने की
- ✓ आजीवन ब्रह्मचर्य, सिंहासन और संतान का त्याग
- • द्रौपदी की हर हाल में रक्षा करने की
उत्तर: देवव्रत ने सिंहासन त्यागा और आजीवन ब्रह्मचर्य की प्रतिज्ञा ली ताकि पिता सत्यवती से विवाह कर सकें; देवताओं ने उन्हें भीष्म ('भीषण प्रतिज्ञा वाला') नाम दिया।
पूरी कथा पढ़ें →4. भीष्म को अपने पिता शांतनु से कौन-सा विशेष वरदान मिला?
- • युद्ध में अजेयता
- ✓ इच्छा मृत्यु — मृत्यु केवल अपनी इच्छा से
- • अदृश्य होने की शक्ति
- • अक्षय बाणों का तूणीर
उत्तर: शांतनु ने भीष्म को इच्छा मृत्यु का वरदान दिया — वे तब तक नहीं मर सकते थे जब तक स्वयं मृत्यु न चुनें, इसीलिए वे शरशय्या पर उत्तरायण की प्रतीक्षा करते रहे।
पूरी कथा पढ़ें →5. परशुराम ने कर्ण को ऐसा शाप क्यों दिया कि सबसे ज़रूरत के समय ब्रह्मास्त्र काम न आए?
- • कर्ण ने युद्ध में अवज्ञा की
- ✓ कर्ण ने शिक्षा पाने के लिए अपनी जाति के बारे में झूठ बोला
- • कर्ण ने गुरु दक्षिणा देने से मना किया
- • कर्ण ने उन्हें द्वन्द्व में हराया
उत्तर: कर्ण ने ब्राह्मण का वेश धरा क्योंकि परशुराम केवल ब्राह्मणों को सिखाते थे; जब दर्द सहने से वह क्षत्रिय प्रकट हुआ, तो क्रुद्ध गुरु ने शाप दिया कि उसका ब्रह्मास्त्र ज़रूरत के समय विफल होगा।
पूरी कथा पढ़ें →6. कर्ण को 'दानवीर' की उपाधि क्यों दी जाती है?
- • अतुलनीय धनुर्विद्या के लिए
- • दुर्योधन के प्रति निष्ठा के लिए
- ✓ अपार उदारता के लिए — दिव्य कवच तक दान कर देने के लिए
- • किसी द्वन्द्व में कभी न हारने के लिए
उत्तर: कर्ण को दानवीर इसलिए कहते हैं क्योंकि दान उसकी पहचान थी — उसने अपने शरीर से दिव्य कवच-कुण्डल काटकर वेशधारी इन्द्र को दे दिया।
पूरी कथा पढ़ें →7. कर्ण ने अपने कवच-कुण्डल के बदले इन्द्र से क्या प्राप्त किया?
- • वज्र
- ✓ वासवी शक्ति — एक बार प्रयोग का बिजली का भाला
- • सुदर्शन चक्र
- • गाण्डीव धनुष
उत्तर: इन्द्र ने अपने वज्र को छोड़कर कोई भी शस्त्र चुनने दिया; कर्ण ने वासवी शक्ति चुनी, एक दिव्य भाला जो किसी एक लक्ष्य को अवश्य मार देता पर केवल एक बार प्रयोग हो सकता था।
पूरी कथा पढ़ें →8. कर्ण ने वासवी शक्ति अर्जुन को मारने के लिए बचाई थी, पर 14वें दिन की रात उसे किस पर प्रयोग करना पड़ा?
- • भीम
- ✓ घटोत्कच
- • धृष्टद्युम्न
- • युधिष्ठिर
उत्तर: कृष्ण ने भीम के अर्ध-राक्षस पुत्र घटोत्कच को रात्रि युद्ध में बुलाया; उसके कहर ने दुर्योधन को कर्ण से वासवी शक्ति उस पर प्रयोग करवाने पर विवश किया, जिससे कर्ण अर्जुन के विरुद्ध उससे वंचित रह गया।
पूरी कथा पढ़ें →9. द्यूत क्रीड़ा में, स्वयं को हारने के बाद युधिष्ठिर ने अन्तिम दाँव किसे लगाया?
- • इन्द्रप्रस्थ राज्य
- • अपने भाई अर्जुन को
- ✓ द्रौपदी को
- • अपना रथ और शस्त्र
उत्तर: अपने भाइयों और फिर स्वयं को दाँव पर लगाकर हारने के बाद युधिष्ठिर ने द्रौपदी को दाँव पर लगाया — जिससे सभा में उसका घसीटा जाना और उसका प्रसिद्ध विधिक प्रश्न उत्पन्न हुआ।
पूरी कथा पढ़ें →10. कौन-सा कौरव राजकुमार सभा में अकेली आवाज़ था जिसने खड़े होकर द्यूत क्रीड़ा और द्रौपदी को दाँव पर लगाना अन्यायपूर्ण घोषित किया?
- • दुःशासन
- ✓ विकर्ण
- • युयुत्सु
- • विदुर
उत्तर: विकर्ण, दुर्योधन का छोटा भाई, सभा में एकमात्र व्यक्ति था जिसने खुलकर द्रौपदी को दाँव पर लगाना अमान्य घोषित किया; उसे उसके अपने ही पक्ष ने चुप करा दिया।
पूरी कथा पढ़ें →11. जादुई सरोवर पर यक्ष ने एक भाई को जीवित करने की पेशकश की। युधिष्ठिर ने किस भाई को चुना, और क्यों?
- • अर्जुन — सबसे महान योद्धा
- • भीम — सबसे बलवान
- ✓ नकुल — ताकि सौतेली माँ माद्री का भी एक पुत्र जीवित रहे
- • सहदेव — सबसे बुद्धिमान
उत्तर: युधिष्ठिर ने नकुल को चुना ताकि उनके पिता की दूसरी पत्नी माद्री का भी एक पुत्र जीवित रहे — सामरिक लाभ पर न्याय को चुना, जिसे यक्ष (उनके पिता धर्म) ने सराहा।
पूरी कथा पढ़ें →12. यक्ष को दिए युधिष्ठिर के उत्तर के अनुसार, संसार का सबसे बड़ा आश्चर्य क्या है?
- • कि सूर्य प्रतिदिन उगता है
- ✓ कि मनुष्य रोज़ दूसरों को मरते देखते हैं फिर भी स्वयं को अमर मानते हैं
- • कि मन हवा से भी तेज़ है
- • कि माता पृथ्वी से भी भारी है
उत्तर: युधिष्ठिर ने उत्तर दिया कि सबसे बड़ा आश्चर्य यह है कि प्राणी रोज़ दूसरों को यमलोक जाते देखते हैं, फिर भी जो बचे हैं वे सदा जीना चाहते हैं।
पूरी कथा पढ़ें →13. कुरुक्षेत्र युद्ध के आरम्भ में बजाया गया पाञ्चजन्य शंख किसका था?
- • अर्जुन
- ✓ कृष्ण
- • भीम
- • युधिष्ठिर
उत्तर: भगवद्गीता के आरम्भ में कृष्ण (हृषीकेश) ने पाञ्चजन्य बजाया, जबकि अर्जुन ने देवदत्त, भीम ने पौण्ड्र, और युधिष्ठिर ने अनन्तविजय बजाया।
पूरी कथा पढ़ें →14. महाभारत की सैन्य पद्धति की सबसे बड़ी इकाई अक्षौहिणी में कितने योद्धा होते थे?
- • 18,000
- • 1,09,350
- ✓ 2,18,700
- • 3,90,000
उत्तर: एक अक्षौहिणी में 2,18,700 योद्धा होते थे (21,870 रथ, 21,870 गज, 65,610 अश्वारोही, 1,09,350 पदाति); ऐसी 18 अक्षौहिणियाँ कुरुक्षेत्र में लड़ीं।
पूरी कथा पढ़ें →15. कुरुक्षेत्र की 18 अक्षौहिणियाँ दोनों पक्षों के बीच कैसे बँटी थीं?
- • 9 कौरव और 9 पाण्डव
- ✓ 11 कौरव और 7 पाण्डव
- • 7 कौरव और 11 पाण्डव
- • 12 कौरव और 6 पाण्डव
उत्तर: कौरवों ने 11 अक्षौहिणियाँ और पाण्डवों ने 7 एकत्र कीं; संख्या में कम होने के बावजूद पाण्डव श्रेष्ठ नेतृत्व और रणनीति से जीते।
पूरी कथा पढ़ें →16. अर्जुन ने पाशुपतास्त्र शिव से जीता, जो किरातार्जुनीय प्रसंग में किस रूप में वेश बदलकर प्रकट हुए?
- • एक भ्रमणशील ब्राह्मण
- ✓ एक किरात (आदिवासी शिकारी)
- • एक गन्धर्व
- • एक घायल सैनिक
उत्तर: शिव किरात (आदिवासी शिकारी) के रूप में प्रकट हुए और एक वराह को लेकर अर्जुन से लड़े; उसके साहस की परीक्षा के बाद शिव ने अपना रूप प्रकट कर परम पाशुपतास्त्र दिया — जिसे अर्जुन ने युद्ध में कभी प्रयोग नहीं किया।
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