ॐ त्रिलोकरक्षकाय नमः
त्रिलोकरक्षकः
Trilokarakṣakaḥ
Root: tri + loka + rakṣaka
अर्थ
The guardian of all three worlds, whose protective sovereignty extends over earth, sky, and the netherworld
तीनों लोकों के रक्षक, जिनका संरक्षण आधिपत्य पृथ्वी, आकाश और पाताल तक विस्तृत है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रि
three
तीन
लोक
world, realm
लोक, संसार
रक्षक
guardian, protector
रक्षक, संरक्षक
आधुनिक संदर्भ
अय्यप्पा की पौराणिक कथा स्पष्ट रूप से उनकी सुरक्षा को त्रिआयामी बताती है: उन्होंने स्वर्गलोक के देवताओं को बचाया, पृथ्वी के मनुष्यों की रक्षा की, और महिषी के शासन से अस्त-व्यस्त निचले लोकों में सन्तुलन बहाल किया। त्रिलोकरक्षक इस पूर्णता को व्यक्त करता है। अय्यप्पा भक्तों के लिए अस्तित्व का कोई आयाम उनकी चिन्ता से बाहर नहीं। चाहे भक्त अपने पितरों के लिए, जीवित परिवार के लिए, या अपने आध्यात्मिक कल्याण के लिए प्रार्थना करे, वह उसी सर्व-समावेशी संरक्षक से प्रार्थना करता है।
कब जपें
ॐChant during Mahishi-vadha recitations, or when seeking protection that extends beyond the visible into the invisible realms where unseen forces operate.
और रक्षा नाम
← → arrow keys to navigate