ॐ सर्वनागप्रपूज्याय नमः
सर्वनागप्रपूज्य
Sarvanāgaprapūjyāya
Root: sarva (all) + nāga (serpent deity) + prapūjya (greatly worshipped)
अर्थ
Worshipped by all the great serpent deities and nagas
समस्त नाग देवताओं द्वारा पूजे जाने वाले, नाग-लोक में भी सम्मानित
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
नाग
serpent deity, naga
नाग, सर्प देवता
प्रपूज्य
greatly worshipped, highly revered
अत्यन्त पूजनीय, अति सम्मानित
आधुनिक संदर्भ
नाग पंचमी पर साँपों की पूजा की जाती है और हनुमान जी नाग-लोक में भी पूज्य हैं। ग्रामीण भारत में जहाँ बरसात में साँप निकलते हैं, किसानों और मज़दूरों की सुरक्षा के लिए यह नाम जपा जाता है। काल सर्प दोष से पीड़ित जातक भी इस नाम का सहारा ले सकते हैं।
कब जपें
ॐChant on Nag Panchami, during monsoon season for snake protection, or when seeking remedy for Kaal Sarpa Dosha. Effective with milk offering to naga stones.
और रक्षा नाम
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