ॐ विश्वरूपाय नमः
विश्वरूप
Viśvarūpāya
Root: viśva (universe) + rūpa (form, manifestation)
अर्थ
The one whose form encompasses the entire universe
विश्व-रूप धारण करने वाले, जिनमें सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड समाया हुआ है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विश्व
universe, cosmos
विश्व, ब्रह्माण्ड
रूप
form, manifestation
रूप, स्वरूप, आकार
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण ने अर्जुन को विश्वरूप दिखाया था, और हनुमान ने भी सीताजी के सामने अपना विराट रूप प्रकट किया। जब रात को तारों भरा आकाश देखें, समुद्र के किनारे खड़े होकर अनन्तता महसूस करें, या हिमालय की चोटियों से नीचे देखें, तो विश्वरूप हनुमान का ध्यान ब्रह्माण्ड के विस्तार से जोड़ता है।
कब जपें
ॐChant during nature contemplation, under starry skies, or during meditation on cosmic consciousness. Effective during Kartik Purnima and full moon nights.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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