ॐ रामप्रेमरसास्वादाय नमः
रामप्रेमरसास्वाद
Rāmapremarasāsvādāya
Root: rāma + prema (love) + rasa (nectar, essence) + āsvāda (taster, relisher)
अर्थ
The one who eternally relishes the nectar of Rama's love
श्रीराम के प्रेम-रस का सदा आस्वादन करने वाले, राम-प्रेम में सदा डूबे रहने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
राम
Lord Rama
भगवान श्रीराम
प्रेम
love, divine affection
प्रेम, प्यार
रस
nectar, essence, juice
रस, अमृत, सार
आस्वाद
taster, relisher, one who savours
स्वाद लेने वाला, आनन्दित होने वाला
आधुनिक संदर्भ
जब कोई भक्त हनुमान चालीसा पढ़ते-पढ़ते रोने लगे, या रामायण का प्रसंग सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएँ, वह रामप्रेमरसास्वाद का अनुभव है। तुलसीदास जी ने रामचरितमानस लिखते समय यही रस चखा। कीर्तन भजन में जब सारी सभा भक्ति में डूब जाए, वही प्रेम-रस की बरसात है।
कब जपें
ॐChant during deep devotional sessions, Ramayana katha, or when seeking the emotional depth of bhakti that transcends intellectual understanding.
और भक्ति नाम
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