ॐ सर्ववन्दितपादाब्जाय नमः
सर्ववन्दितपादाब्ज
Sarvavanditapādābjāya
Root: sarva (all) + vandita (worshipped, saluted) + pāda (feet) + abja (lotus)
अर्थ
Whose lotus feet are worshipped and saluted by all beings
जिनके चरण-कमलों की सब वन्दना करते हैं, सबके द्वारा पूजित पाद-पद्म
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
वन्दित
worshipped, saluted
वन्दित, नमस्कार किया गया
पाद
feet
चरण
अब्ज
lotus
कमल
आधुनिक संदर्भ
मंदिर में हनुमान जी के चरणों को छूना सबसे पवित्र कार्य माना जाता है। चरण-स्पर्श भारतीय संस्कृति में सम्मान का सर्वोच्च प्रतीक है। बड़ों के पैर छूना, गुरु के चरणों में बैठना, या मंदिर में दण्डवत प्रणाम करना, सब सर्ववन्दितपादाब्ज का भाव है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु के चरण-स्पर्श करते हुए यह नाम जपें।
कब जपें
ॐChant during charan-sparsh, Guru Purnima, or when expressing the deepest devotional reverence. Effective during morning puja at Hanuman's lotus feet.
और भक्ति नाम
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