ॐ सर्वप्रेमस्वरूपाय नमः
सर्वप्रेमस्वरूप
Sarvapremasvarūpāya
Root: sarva (all) + prema (love) + svarūpa (embodiment, true form)
अर्थ
The true embodiment and form of all divine love
सम्पूर्ण प्रेम के स्वरूप, दिव्य प्रेम का मूर्तिमान रूप
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
प्रेम
love, divine affection
प्रेम, दिव्य प्रेम
स्वरूप
embodiment, true form, essence
स्वरूप, साक्षात् रूप
आधुनिक संदर्भ
सर्वप्रेमस्वरूप हनुमान प्रेम स्वयं हैं। राम के प्रति भक्ति-प्रेम, सीता के प्रति मातृवत् प्रेम, सुग्रीव के प्रति मित्र-प्रेम, और भक्तों के प्रति वात्सल्य-प्रेम, सब हनुमान में एक साथ विद्यमान हैं। जब प्रेम express करने में difficulty हो, 'I love you' बोलने में झिझक हो, या रिश्तों में warmth कम हो, सर्वप्रेमस्वरूप का जप हृदय को खोलता है।
कब जपें
ॐChant when struggling to express love, during relationship healing, or when the heart needs to open. Effective during Valentine's Day, Mother's Day, and all love-celebrating occasions.
और प्रेम नाम
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