ॐ सर्वदेवसमाराध्याय नमः
सर्वदेवसमाराध्य
Sarvadev samārādhyāya
Root: sarva (all) + deva (god) + samārādhya (equally worthy of worship by all)
अर्थ
Equally worthy of worship and adoration from all the gods
सभी देवताओं द्वारा समान रूप से आराध्य, देवगणों में सर्वसम्मत पूजनीय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
देव
god
देवता
समाराध्य
equally worthy of worship
समान रूप से आराध्य, पूजनीय
आधुनिक संदर्भ
जब ब्रह्मा, विष्णु, शिव, इन्द्र सब मिलकर हनुमान की आराधना करें, तो हनुमान की स्थिति कितनी ऊँची है। यह ऐसा है जैसे सभी देशों के PM मिलकर एक व्यक्ति का सम्मान करें। Nobel Peace Prize या Bharat Ratna का सम्मान उस भाव का लौकिक रूप है। बैच के अन्त की ओर आते हुए यह नाम हनुमान की divine hierarchy में सर्वोच्च स्थिति स्थापित करता है।
कब जपें
ॐChant when appreciating Hanuman's supreme position, during elaborate Hanuman puja, or when reflecting on the extraordinary status of one whom even gods worship.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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