ॐ सर्वभक्ताभिलाषदाय नमः
सर्वभक्ताभिलाषद
Sarvabhaktābhilāṣadāya
Root: sarva (all) + bhakta (devotee) + abhilāṣa (aspiration, longing) + da (giver)
अर्थ
Giver who fulfils every devotee's deepest aspiration and heartfelt longing
सभी भक्तों की गहरी अभिलाषाओं (आकांक्षाओं) को पूरा करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
भक्त
devotee
भक्त
अभिलाषा
aspiration, longing
अभिलाषा, आकांक्षा
द
giver
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
अभिलाषा दिल की सबसे गहरी चाह है। 'मेरा बच्चा doctor बने', 'हमारी बेटी की शादी अच्छे घर में हो', या 'एक बार माँ-बाबा को तीर्थ ले जाऊँ', ये सब भक्त-अभिलाषाएँ हैं। सर्वभक्ताभिलाषद हनुमान हर भक्त की दिल की मुराद पूरी करते हैं। मंदिर में जब 'मन्नत' का धागा बाँधें, वह अभिलाषा का भौतिक रूप है। मंगलवार मन्नत माँगते समय विशेष जप करें।
कब जपें
ॐChant during mannats, when heartfelt aspirations need divine fulfilment, or when the soul's deepest longing seeks a response.
और समृद्धि नाम
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