ॐ स्वातन्त्र्याय नमः
स्वातन्त्र्यः
Svātantriyaḥ
Root: sva + tantra
अर्थ
Absolute freedom, whose sovereignty consists in complete self-referential independence from any external condition, compulsion, or necessity
परम स्वतन्त्रता, जिनकी संप्रभुता किसी बाहरी स्थिति, बाध्यता या आवश्यकता से पूर्णतः स्व-संदर्भात्मक स्वाधीनता में निहित है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
स्व
own, self, one's own
स्व, अपना, आत्म
तन्त्रिय
governed by, following the rule of
के अधीन, नियम का पालन करने वाला
आधुनिक संदर्भ
स्वातन्त्र्य (परम स्वतन्त्रता) कश्मीर शैवाद्वैत का सबसे महत्त्वपूर्ण अवधारणा है: सम्पूर्ण ब्रह्माण्डविज्ञान शिव के स्वातन्त्र्य की मुक्त, स्वतःस्फूर्त आत्म-अभिव्यक्ति के रूप में समझाया जाता है। सृष्टि किसी आवश्यकता का अतिप्रवाह नहीं बल्कि स्वतन्त्र लीला है। भारत के स्वतन्त्रता आंदोलन ने इसे अप्रत्याशित रूप से उधार लिया: 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है' , तिलक की प्रसिद्ध घोषणा में एक शैव दार्शनिक प्रतिध्वनि है।
कब जपें
ॐChant as a liberatory affirmation: Shiva's svātantrya (absolute freedom) is the ground of reality, and one's own liberation is the discovery of that same freedom in oneself.
और मोक्ष नाम
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