ॐ शिवार्चिताय नमः
शिवार्चितः
Śivārcitaḥ
Root: śiva + arcita
अर्थ
Worshipped by Shiva himself, or worshipped by auspicious devotees, the one whose glory is so supreme that even the divine acknowledges and honours it
स्वयं शिव द्वारा पूजित, या मंगलमय भक्तों द्वारा पूजित, वह जिनकी महिमा इतनी परम है कि स्वयं दिव्य भी उसे स्वीकार करके सम्मान देते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
Shiva, the auspicious
शिव, मंगलस्वरूप
अर्चित
worshipped, honoured, revered
पूजित, सम्मानित, वंदित
आधुनिक संदर्भ
शिवार्चित (स्वयं शिव द्वारा पूजित) एक गहरे धर्मशास्त्रीय विरोधाभास को नामित करता है। शैव परंपरा में इसका एक समृद्ध उत्तर है: उपासक को पहले शिव को अपने हृदय में स्थापित करना (आत्म-पूजा) और फिर बाहरी पूजा करना सिखाया जाता है। उच्चतम स्तर पर शिव भक्त के माध्यम से स्वयं की पूजा करते हैं: भक्त के हाथ शिव के हाथ बन जाते हैं।
कब जपें
ॐChant to honour the paradox of self-worship within the divine: Shiva worships Shiva, the devotee who worships Shiva becomes Shiva, and in the highest realisation worship and the worshipped are one.
और भक्ति नाम
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