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400

ॐ जगत्पूज्याय नमः

जगत्पूज्यः

Jagatpūjyaḥ

Root: jagat + pūjya

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

Worshipped by the universe, the one whom the entire cosmos reverences as the supreme worthy of all devotion and respect

ब्रह्माण्ड द्वारा पूजित, वह जिनकी समग्र ब्रह्माण्ड परम पूज्य के रूप में सम्पूर्ण भक्ति और सम्मान के योग्य के रूप में पूजा करता है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

जगत्

the universe, all that moves

जगत्, ब्रह्माण्ड, चराचर

पूज्य

worthy of worship, the venerable, the one who deserves reverence

पूज्य, पूजनीय, सम्मान के योग्य

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

जगत्पूज्य (ब्रह्माण्ड द्वारा पूजित) 400वाँ नाम है, एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर। यह शिव को न केवल मानव भक्तों द्वारा बल्कि समग्र ब्रह्माण्ड द्वारा पूजनीय के रूप में नामित करता है: सूर्य माउंट मेरु की परिक्रमा करता है, नदियाँ पवित्र तीर्थों की ओर बहती हैं। 400वाँ नाम सार्वभौमिक गुणवत्ता को नामित करके इसका उत्सव मनाता है: यदि समग्र जगत शिव की पूजा करता है, तो अस्तित्व की हर घटना, गहरे स्तर पर, भक्ति का एक कार्य है।

When to Chant

कब जपें

Chant at the 400th name milestone, honouring Shiva as Jagatpūjya , acknowledged as supreme worthy of worship across the entire cosmos.

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