ॐ सर्वाभीष्टदाय नमः
सर्वाभीष्टदः
Sarvabhīṣṭadaḥ
Root: sarva + abhīṣṭa + da
अर्थ
Giver of all that is deeply desired, who fulfils every abhīṣṭa (the heartfelt, most earnest desire) of every being , the divine whose gift-giving encompasses the entire spectrum of genuine aspiration
सभी गहरे वांछित के दाता, जो हर प्राणी के हर अभीष्ट (हार्दिक, सबसे ईमानदार इच्छा) को पूरा करते हैं , वह दिव्य जिनका उपहार-देना वास्तविक आकांक्षा के पूरे स्पेक्ट्रम को समेटता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सर्व, सभी
अभीष्ट
deeply desired, the most heartfelt aspiration
अभीष्ट, गहरे वांछित, सबसे हार्दिक आकांक्षा
द
giver
द, दाता
आधुनिक संदर्भ
सर्वाभीष्टद (सभी गहरे वांछित के दाता) पहले के बैच के सर्वाभीष्टप्रद (#555) नाम को प्रतिबिम्बित करता है, यह पुष्टि करते हुए कि शिव का अभीष्ट पूर्ति का उपहार सहस्रनाम की आवर्ती पुष्टियों में से एक है। भारत की व्रत (व्रत-पालन) परंपरा सर्वाभीष्टद की सबसे प्रत्यक्ष सांस्कृतिक अभिव्यक्ति है: लाखों शिवरात्रि भक्त जो रात भर जागते हैं यह विश्वास करते हुए कि शिव जो सबसे वास्तव में जरूरी है उसे पूरा करेंगे सर्वाभीष्टद सिद्धांत में भाग ले रहे हैं।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva as the fulfiller of all deeply-held aspirations , the Sarvabhīṣṭada whose gift encompasses what is most earnestly desired by every being.
और समृद्धि नाम
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