ॐ शिवहृदयाय नमः
शिवहृदयः
Śivahṛdayaḥ
Root: śiva + hṛdaya
अर्थ
The heart of Shiva, the divine whose most intimate inner essence , the hṛdaya (heart, the innermost seat of consciousness and love) , is constituted of the most perfect śiva quality
शिव का हृदय, वह दिव्य जिनकी सबसे अंतरंग आंतरिक सार , हृदय (हृदय, चेतना और प्रेम का सबसे आंतरिक आसन) , सबसे परिपूर्ण शिव गुणवत्ता से निर्मित है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
हृदय
heart, the innermost seat of consciousness
हृदय, चेतना का सबसे आंतरिक आसन
आधुनिक संदर्भ
शिवहृदय (शिव का हृदय) शिव के सबसे अंतरंग आंतरिक आयाम को नामित करता है। भारत की दार्शनिक परंपरा में, हृदय केवल शारीरिक अंग नहीं बल्कि व्यक्ति का सबसे आंतरिक गर्भगृह है। उपनिषद आत्मन को हृदय में रहने वाले के रूप में वर्णित करते हैं: 'हृदये गुहायां निहितः'। हृदय-ध्यान (हृदय-केन्द्रित ध्यान) शिवहृदय का सीधे आह्वान करता है। रमण महर्षि की हृदयम की शिक्षा शिवहृदय की गहरी खोज है।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva's heart , the śivahṛdaya that is simultaneously the innermost sanctum of the divine and the contemplative practice of dwelling in that innermost space.
और प्रेम नाम
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