ॐ अनिर्देश्यवपुषे नमः
अनिर्देश्यवपुस्
Anirdeśyavapus
Root: anirdeśya + vapus
अर्थ
He whose form is beyond all description and definition
जिनके स्वरूप का वर्णन सम्भव नहीं, अवर्णनीय रूप वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अनिर्देश्य
indescribable, beyond definition, ineffable
अवर्णनीय, अकथनीय, जिसका वर्णन न हो सके
वपुस्
form, body, appearance
रूप, शरीर, देह
आधुनिक संदर्भ
गीता के ग्यारहवें अध्याय में अर्जुन ने विश्वरूप देखा और कहा कि इसका वर्णन शब्दों में सम्भव नहीं। अनिर्देश्यवपुस् वही अवर्णनीय रूप है। जब कोई कवि भगवान का वर्णन करे, वह हमेशा अधूरा होता है — 'नेति नेति' (यह नहीं, यह नहीं) — क्योंकि भगवान हर शब्द और कल्पना से परे हैं।
कब जपें
ॐChant during Vishvarupa meditation, when studying Gita Chapter 11, or during Neti Neti contemplation. Ideal during advanced Vedantic practice and when words fail to capture spiritual experience.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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