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ॐ विश्वमूर्तये नमः

विश्वमूर्ति

Viśvamūrti

Root: viśva + mūrti

Cosmic Order·ब्रह्माण्डीय व्यवस्था
Meaning

अर्थ

He whose form is the entire universe itself

जिनकी मूर्ति सम्पूर्ण विश्व है, ब्रह्माण्ड-स्वरूप भगवान

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

विश्व

universe, cosmos, all

विश्व, ब्रह्माण्ड

मूर्ति

form, body, embodiment

मूर्ति, रूप, स्वरूप

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

गीता के ग्यारहवें अध्याय में अर्जुन ने विश्वमूर्ति देखी — सूर्य, चन्द्र, ग्रह, नक्षत्र, सब एक ही शरीर में। विश्वमूर्ति भगवान का वह रूप है जहाँ हर पेड़, हर नदी, हर पहाड़ उन्हीं का अंग है। जब शिमला में बर्फ़ गिरे, जब केरल का बैकवॉटर शान्त बहे, जब राजस्थान का रेगिस्तान सुनहरा चमके — सब विश्वमूर्ति के अलग-अलग अंग हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant during nature meditation, Gita Chapter 11 study, or when travelling through diverse landscapes. Ideal during eclipses, Kumbh Mela, and mountain retreats.

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