ॐ त्रयीमूर्तये नमः
त्रयीमूर्ति
Trayīmūrti
Root: trayī + mūrti
अर्थ
The embodiment of the three Vedas: Rig, Yajur and Sama
तीन वेदों (ऋग्, यजुर्, साम) के मूर्तिमान स्वरूप
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रयी
the triad, the three Vedas (Rig, Yajur, Sama)
त्रयी, तीन वेद (ऋग्, यजुर्, साम)
मूर्ति
form, embodiment
मूर्ति, स्वरूप
आधुनिक संदर्भ
त्रयी वेद (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद) भारतीय ज्ञान-परम्परा के तीन स्तम्भ हैं — ज्ञान, कर्म, उपासना। त्रयीमूर्ति भगवान इन तीनों का जीवन्त रूप हैं। जब उपनयन संस्कार में गायत्री मंत्र (ऋग्वेद) सिखाया जाए, जब यज्ञ में यजुर्वेद के मंत्र बोले जाएँ, जब सामवेद की धुन गूँजे — त्रयीमूर्ति तीनों में विराजमान हैं।
कब जपें
ॐChant during Vedic recitation, Upakarma (Avani Avittam), or when studying the three Vedas. Ideal during thread ceremony (Upanayana) and Vedic school functions.
और विद्या नाम
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