ॐ सुकृतिने नमः
सुकृती
Sukṛtī
Root: su + kṛtī
अर्थ
He whose every deed is excellent and perfectly performed
श्रेष्ठ कर्म करने वाले, जिनका हर कार्य उत्तम है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सु
good, excellent, well
अच्छा, श्रेष्ठ
कृती
doer, one who acts, performer
कर्ता, करने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'योगः कर्मसु कौशलम्' — कर्म में कुशलता ही योग है। सुकृती भगवान का हर काम उत्कृष्ट होता है — बिना जल्दबाज़ी, बिना लापरवाही, बिना अधूरा। जब एक कारपेंटर अपना काम ऐसे करे कि सब कहें 'कमाल है,' जब एक शिक्षक ऐसे पढ़ाए कि बच्चे समझ जाएँ — वह कर्म में कुशलता सुकृती की प्रेरणा है।
कब जपें
ॐChant before starting any task, when seeking excellence at work, or during Karma Yoga study. Ideal on Vishwakarma Puja and when pursuing mastery in any field.
और ज्ञान नाम
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