ॐ सर्वलोकप्रियाय नमः
सर्वलोकप्रिय
Sarvalokapriya
Root: sarva + loka + priya
अर्थ
He who is beloved by all the worlds and all beings
सम्पूर्ण लोकों में प्रिय, सब संसारों के प्यारे भगवान
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब, समस्त
लोक
world, realm, people
लोक, संसार, जन
प्रिय
beloved, dear, cherished
प्रिय, प्यारे
आधुनिक संदर्भ
तिरुमला में प्रतिदिन 50,000 से अधिक भक्त आते हैं — तमिलनाडु, आन्ध्र, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बंगाल — हर प्रदेश से। सर्वलोकप्रिय भगवान किसी एक क्षेत्र के नहीं, सबके प्रिय हैं। जब तेलुगु भक्त 'गोविन्दा' बोले और हिन्दी भक्त भी 'गोविन्दा' बोले, भाषा अलग है पर प्रेम एक है — यही सर्वलोकप्रिय का चमत्कार है।
कब जपें
ॐChant during multi-community gatherings, interfaith events, or when celebrating unity in diversity. Ideal during Brahmotsavam and at temples that serve diverse congregations.
और प्रेम नाम
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