ॐ कालत्रयातीताय नमः
कालत्रयातीत
Kālatrayātīta
Root: kāla + traya + atīta
अर्थ
He who transcends past, present and future completely
तीनों कालों (भूत-वर्तमान-भविष्य) से परे, त्रिकाल-अतीत
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
काल
time
काल, समय
त्रय
three, triad
तीन, त्रय
अतीत
transcended, beyond, surpassed
अतीत, परे
आधुनिक संदर्भ
मनुष्य तीन कालों में बँधा है — बीता कल (पछतावा), आज (चिन्ता), और आने वाला कल (भय)। कालत्रयातीत भगवान तीनों से परे हैं। जब बीते कल का पछतावा सताए, जब आज की चिन्ता बोझ हो, जब कल का डर नींद न आने दे — कालत्रयातीत का ध्यान करें जो काल की सीमाओं से मुक्त हैं। वर्तमान में रहना ही काल से मुक्ति का मार्ग है।
कब जपें
ॐChant during mindfulness meditation, when time-anxiety strikes, or when studying Gita on the eternal soul. Ideal during New Year reflections, birthday contemplations, and Maha Shivaratri.
और मोक्ष नाम
← → arrow keys to navigate