ॐ धर्मराजप्रियाय नमः
धर्मराजप्रिय
Dharmarājapriya
Root: dharmarāja + priya
अर्थ
He who is beloved by Yudhishthira the king of dharma
धर्मराज युधिष्ठिर के प्रिय, धर्मपालक राजा के आराध्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
धर्मराज
Yudhishthira, the king of dharma, also Yama
धर्मराज, युधिष्ठिर, धर्म का राजा
प्रिय
beloved, dear
प्रिय
आधुनिक संदर्भ
युधिष्ठिर महाभारत के सबसे धर्मनिष्ठ चरित्र हैं — उन्होंने कभी झूठ नहीं बोला (एक बार को छोड़कर), कभी अधर्म नहीं किया, सब कष्ट सहकर भी धर्म नहीं छोड़ा। धर्मराजप्रिय कृष्ण उनसे विशेष प्रेम करते हैं। जब कोई व्यक्ति सत्य पर अडिग रहे चाहे कुछ भी हो, जब ईमानदारी से नुकसान हो पर सच न छोड़े — वह धर्मराज जैसा है, और भगवान उसे प्रिय मानते हैं।
कब जपें
ॐChant when practising unwavering dharma, during Mahabharata study, or when integrity is tested. Ideal during Ekadashi and when studying the Yaksha Prashna episode.
और ज्ञान नाम
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