ॐ सर्ववासुदेवाय नमः
सर्ववासुदेव
Sarvavāsudeva
Root: sarva + vāsudeva
अर्थ
He who dwells within all beings as Vasudeva the indweller
सब में वासुदेव रूप में बसने वाले, हर प्राणी में विराजमान
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, everything
सब, समस्त
वासुदेव
Vasudeva, son of Vasudeva, the indwelling God
वासुदेव, सबमें बसने वाले भगवान
आधुनिक संदर्भ
गीता के सातवें अध्याय का अन्तिम श्लोक कहता है 'वासुदेवः सर्वमिति स महात्मा सुदुर्लभः' — जो वासुदेव को सर्वत्र देखे वह महात्मा अत्यन्त दुर्लभ है। सर्ववासुदेव वही दृष्टि है — हर प्राणी में, हर वस्तु में, हर स्थान में वासुदेव देखना। जब चाय वाले में भी भगवान दिखें, जब सफ़ाई कर्मचारी में भी ईश्वर दिखें — वह सर्ववासुदेव की अनुभूति है।
कब जपें
ॐChant when cultivating the vision of God in all, during Gita Chapter 7 study, or when practising equality. Ideal during Janmashtami and when serving others as God-forms.
और मोक्ष नाम
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