ॐ सर्वव्यापिनाथाय नमः
सर्वव्यापिनाथ
Sarvavyāpinātha
Root: sarva + vyāpī + nātha
अर्थ
The lord who pervades and protects every corner of creation
सर्वव्यापी और नाथ (स्वामी) — हर कोने में व्याप्त और हर जगह रक्षक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
व्यापी
pervading, omnipresent
व्यापक, सर्वत्र उपस्थित
नाथ
lord, protector
नाथ, स्वामी
आधुनिक संदर्भ
सर्वव्यापी होना एक बात है, सर्वव्यापी नाथ होना दूसरी — भगवान सिर्फ़ हर जगह मौजूद नहीं, हर जगह रक्षा भी कर रहे हैं। हवा सर्वव्यापी है पर रक्षक नहीं; भगवान सर्वव्यापी भी हैं और नाथ भी। जब दिल्ली में हो या लद्दाख में, मुम्बई में या चेन्नई में — सर्वव्यापिनाथ हर जगह व्याप्त और हर जगह रक्षक हैं।
कब जपें
ॐChant when moving to new locations, during travel, or when divine omnipresence AND protection are both needed. Ideal during relocation prayers and before settling in unfamiliar places.
और रक्षा नाम
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