ॐ सर्वव्रतोत्सवप्रियाय नमः
सर्वव्रतोत्सवप्रिय
Sarvavrtotsavapriya
Root: sarva + vrata + utsava + priya
अर्थ
He who loves every sacred vow and every joyous festival
सम्पूर्ण व्रतों और उत्सवों के प्रिय, हर धार्मिक पर्व से प्रसन्न होने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
व्रत
vow, sacred observance, fasting
व्रत, उपवास
उत्सव
festival, celebration
उत्सव, त्योहार
प्रिय
dear, lover of
प्रिय
आधुनिक संदर्भ
भारत में 365 दिनों में शायद 365 त्योहार हैं — दिवाली, होली, नवरात्रि, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, पोंगल, ओणम, बैसाखी — और अनगिनत व्रत — एकादशी, प्रदोष, शिवरात्रि, करवा चौथ। सर्वव्रतोत्सवप्रिय भगवान को ये सब प्रिय हैं। भगवान उत्सवप्रिय हैं — वे चाहते हैं कि भक्त खुश रहें, नाचें, गाएँ, उत्सव मनाएँ। धर्म सिर्फ़ कठिन तपस्या नहीं, आनन्दमय उत्सव भी है।
कब जपें
ॐChant during any festival or vrata, when planning celebrations, or when the joy of utsava fills the air. Ideal during every Hindu festival and when the festive spirit needs encouragement.
और भक्ति नाम
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