ॐ सर्ववेदमयाय नमः
सर्ववेदमय
Sarvavedamaya
Root: sarva + veda + maya
अर्थ
He who is entirely composed of the substance of all Vedas
सम्पूर्ण वेदों से बने, जिनका स्वरूप ही वैदिक ज्ञान का समुच्चय है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
वेद
Vedas, sacred knowledge
वेद, पवित्र ज्ञान
मय
consisting of, made of
से बना, मय
आधुनिक संदर्भ
ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद — चारों वेद भगवान के अंग हैं। सर्ववेदमय भगवान वेदों से बने हैं — वेद उनका शरीर है, ऋचाएँ उनकी साँसें हैं। जब उपनयन संस्कार में गायत्री मंत्र सिखाया जाए, वह भगवान के शरीर का एक अंश सीखना है। जब वेद पाठशाला में बच्चे स्वर-शुद्धि से मंत्र बोलें — वे भगवान को शब्दशः उच्चारित कर रहे हैं।
कब जपें
ॐChant during Vedic recitation, Upakarma (Avani Avittam), or when studying any Veda. Ideal during Gayatri japa and when honouring the Vedic tradition.
और विद्या नाम
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