ॐ सर्वकर्मफलत्यागिने नमः
सर्वकर्मफलत्यागी
Sarvakarmaphalatyāgī
Root: sarva + karma + phala + tyāgī
अर्थ
He who exemplifies the renunciation of all fruits of action
सम्पूर्ण कर्मों के फल का त्याग करने वाले, निष्काम कर्म के आदर्श
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
कर्म
action, deed
कर्म
फल
fruit, result
फल, परिणाम
त्यागी
renouncer, one who gives up
त्यागी, छोड़ने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता का केन्द्रीय सन्देश — 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' — कर्म करो, फल की चिन्ता मत करो। सर्वकर्मफलत्यागी भगवान स्वयं इसका उदाहरण हैं — वे सब करते हैं पर फल नहीं चाहते। सृष्टि रचते हैं पर credit नहीं माँगते, भक्तों की रक्षा करते हैं पर बदले में कुछ नहीं चाहते। यह निष्काम कर्म का सर्वोच्च आदर्श है।
कब जपें
ॐChant during Karma Yoga practice, when detaching from results, or during Gita Chapter 2-3 study. Ideal when outcome-anxiety paralyses action and when nishkama karma needs reinforcement.
और ज्ञान नाम
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