ॐ सर्वशरणप्रदाय नमः
सर्वशरणप्रद
Sarvaśaraṇaprada
Root: sarva + śaraṇa + prada
अर्थ
He who grants refuge to absolutely everyone who approaches
सबको शरण देने वाले, बिना भेद हर आने वाले को आश्रय प्रदान करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, to all
सब, सबको
शरण
refuge, shelter
शरण, आश्रय
प्रद
bestower, giver
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
राम ने विभीषण को शरण दी — शत्रु-पक्ष का होते हुए भी। कृष्ण ने अर्जुन को शरण दी — डगमगाते योद्धा को भी। सर्वशरणप्रद किसी को मना नहीं करते — चाहे पापी हो, चाहे दुश्मन हो, चाहे अजनबी। जब कोई कहे 'मुझे कहीं जगह नहीं मिलती,' सर्वशरणप्रद कहते हैं 'मेरे पास जगह है — सबके लिए, हमेशा।'
कब जपें
ॐChant during sharanagati, when feeling displaced, or when praying for others who need refuge. Ideal during refugee-relief prayers and when the Lord's unconditional shelter is most needed.
और रक्षा नाम
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