ॐ सर्वभूतसुहृदे नमः
सर्वभूतसुहृत्
Sarvabhūtasuhṛd
Root: sarva + bhūta + suhṛd
अर्थ
The truest and most selfless friend of every living creature
सम्पूर्ण प्राणियों के सच्चे मित्र (सुहृद्), हर जीव के निःस्वार्थ साथी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
भूत
being, creature
प्राणी, जीव
सुहृद्
true friend, well-wisher, selfless companion
सुहृद्, सच्चा मित्र
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'सुहृदं सर्वभूतानाम्' — मैं सब प्राणियों का सुहृद् (सच्चा मित्र) हूँ। सर्वभूतसुहृद् उसी श्लोक का नाम है। सुहृद् का अर्थ 'अच्छा हृदय वाला' — जो निःस्वार्थ भलाई चाहे। सांसारिक मित्रता में स्वार्थ मिला होता है, पर भगवान की मित्रता पूर्णतः निःस्वार्थ है। कृष्ण अर्जुन के सारथी बने — बिना वेतन, बिना शर्त, सिर्फ़ सुहृद् भाव से।
कब जपें
ॐChant during Gita Chapter 5 study, on Friendship Day, or when true friendship is sought. Ideal during Krishna-Arjuna meditation and when human friendships disappoint.
और करुणा नाम
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