ॐ सर्वमातृपितृरूपाय नमः
सर्वमातृपितृरूप
Sarvamātṛpitṛrūpa
Root: sarva + mātṛ + pitṛ + rūpa
अर्थ
He who is the divine mother and father of every being combined
सम्पूर्ण प्राणियों के माता और पिता दोनों का रूप, सबके दिव्य अभिभावक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, of all
सबके
मातृ
mother
माता
पितृ
father
पिता
रूप
form, embodiment
रूप, स्वरूप
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'अहं पिता अहं माता' — मैं पिता हूँ, मैं माता हूँ। सर्वमातृपितृरूप दोनों हैं — माँ की ममता और पिता की रक्षा एक में। जब अनाथ बच्चे को कोई गले लगाए, भगवान माँ बनकर आए। जब कोई असहाय को सहारा दे, भगवान पिता बनकर आए। जब माता-पिता न हों — भगवान दोनों हैं।
कब जपें
ॐChant when missing parents, during Parents' Day, or when the divine parental aspect of God needs feeling. Ideal during Pitru Paksha, Mother's Day, and when orphaned or separated from family.
और करुणा नाम
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