ॐ सर्वज्ञानैकमूर्तये नमः
सर्वज्ञानैकमूर्ति
Sarvajñānaikamūrti
Root: sarva + jñāna + eka + mūrti
अर्थ
The one singular form in whom all knowledge is embodied
सम्पूर्ण ज्ञान की एकमात्र मूर्ति, सब विद्या का एक अद्वितीय स्वरूप
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
ज्ञान
knowledge
ज्ञान
एक
one, sole
एक, एकमात्र
मूर्ति
form, embodiment
मूर्ति, स्वरूप
आधुनिक संदर्भ
दक्षिणामूर्ति शिव — ज्ञान की मूर्ति — गुरु रूप में दक्षिण दिशा में बैठे शिव। सर्वज्ञानैकमूर्ति विष्णु भी ज्ञान की एकमात्र मूर्ति हैं। गीता (700 श्लोकों में सम्पूर्ण ज्ञान) कृष्ण की वाणी है — वही सर्वज्ञानैकमूर्ति। एक ही मूर्ति में सब ज्ञान — भौतिकी, रसायन, दर्शन, आध्यात्म, कला, विज्ञान — सब एक रूप में संकुचित।
कब जपें
ॐChant during Dakshinamurti meditation, Gita study, or when seeking the unified source of all knowledge. Ideal during Guru Purnima and when knowledge needs divine integration.
और विद्या नाम
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